ए-हसीन मेरा गुलाब कबूल कर,🌹 हम तुमसे बेइन्तहा इश्क़ करते हैं,🌹 अब नहीं इस ज़माने की परवाह हमको,🌹 हम अपने इश्क़ का इज़हार करते हैं,🌹 तुम नादानी समझो या शैतानी हमारी,🌹 हम हर घडी तेरा इंतजार करते हैं |🌹
तुम्हें मांगा है कितना.... कभी ये मत पूछना.. कभी आना मेरे शहर में मंदिर के धागे अपने आप बता देंगे....
तुम्हारे दिल की दीवारें ख़ाली है? मुझे वहाँ अपनी तस्वीर लगानी है |
हिसाब भरी ज़िन्दगी को बेहिसाब जिया जाए.... महीना मोहब्बत का है थोड़ा सा तो इश्क़ किया जाए...
Ishq ki sari tammnaye jala di mene ... Ishq ki jagah nafrat jaga di mene ... Pyar vyar mere bass ki bat nhi ... Jismo se khelna fir se shuru kr diya mene❤️
Haaa mahsoos kiya hai mene ...jite ji mar jana .... Jab usne kaha ham sath nhi ho sakte
लगा के इश्क़ की बाज़ी सुना है रुठ बैठी हो..!! मोहब्बत मार डालेगी अभी तुम फूल जैसी हों..!!
बक्शीश मत दे मुझे इन चंद मुलाकातों की, गर इश्क है तो हर लम्हा मेरे नाम कर..!!
दिल के अख़बार में पढ़ो शायद! कुछ मुहब्बत की ख़बर मिल जाए | हम भी कुछ आपकी आंखों पे लिखें, आपसे ग़र ये नज़र मिल जाए ! यूं तो मुश्किल सफ़र ए इश्क़ है पर, हमें भी कोई डगर मिल जाए!
तुम सफर बनजाओ हम मुसाफिर बन जाते हैं। तुम इश्क़ बनजाओ हम आशिक़ बन जाते हैं। तुम लेहर बनजाओ हम किनारा बन जाते हैं। तुम शायरी बनजाओ हम शायर बन जाते हैं।
इस तन में रमे हो तुम, इस मन मे रमे हो तुम.... मै तुमको कहा ढुंढू, इस दिल मे बसे हो तुम....!!!!
"पलकें झुकें, और सलाम हो जाए.... पेशानी झुके और सजदा हो जाए... ऐसी नज़र, कंहाँ से लाऊँ, जो... आपको याद करूँ और आपका दीदार हो जाए"!!!...
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| Is Dil Mein base Ho |
मौसम था बेकरार तुम्हें सोचते रहे कल रात बार बार तुम्हें सोचते रहे बारिश हुई तो लग कर घर के दरवाजे से हम चुप चाप बेकरार तुम्हें सोचते रहे.
हमने देखा है रूठ कर लोगों से यहां... वो जो अपना कहते थे वापिस कभी दिखाई न दिए...!!!
मेरी उदासियां तुम्हें कैसे नज़र आएंगी, तुम्हें देखकर तो हम मुस्कुराने लगते हैं..
तुझसे बिछडे है मगर इश्क़ कहॉ खत्म हुआ यह वह जीती हुई बाजी है जो हारी न गई तू वह ख्वाब है जो ऑखो से उतारा न गया तू वो ख़्वाहिश है जो हमसे मारी न गई


🙏Thanks for suggestion 🙏