“कहाँ ज़रूरत है मुझे रंग और पानी की, तुझे सोच लेने से ही मेरा रोम रोम रंग जाता है।”
रंग "उसी" का चढ़ा है अब तक... "जिसने" रंग लगाया नहीं अब तक... होली के रंग भी कम पड़ जाते है, उनका रंग बदलना कुछ ज्यादा था।।
हजार रंग है ज़िन्दगी मे फिर भी मै रंगना चाहूँ सिर्फ तेरे ही रंग में।♥️
“मन की उदासियों पर, पहाड़ से हैं ये हर त्यौहार।” #happyholi
रंग दूं तुझे आ रंग में मेरे, मेरा ये इश्क रंगरेज हो जाए जब कलम चले कुछ लिखने को, हर लफ्ज मेरा तुझे छू आये
तेरा रंग तो पहले ही कब का चढ़ चुका इस मन पर... ये होली तो तेरे रूखसार छूने का फ़क़त एक बहाना भर है... Happy holi ✍✍
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