किसी को कहाँ खबर थी की एक दिन ऐसा भी आएगा... प्रकृति का ऐसा तांडव होगा सारा शहर तड़प जायेगा...✍✍
रात में ख्वाहिशें कुछ यूं दबी सी रह गई... ख्वाब में उसको ढूंढते ढूंढते बस सुबह सी हो गई... ✍✍
चाय की आदत से भी खुद को दूर रखा था खुद को... आहिस्ता आहिस्ता तुम्हारी लत लग गई और पता भी ना चला... ✍✍
सुना है सब कुछ मिल जाता है मांगने से... मिलते हो खुद, या माँगू तुम्हें भगवान से... ✍✍
मुमकिन नहीं की वो बेखबर हो जज़्बात से मेरे.. बात दिल की है, दिल तक तो जाती ही होगी..!!
हर एक रात को माहताब..देखने के लिए...!! मैं जागता हूँ तेरा ख्वाब..देखने के लिए...!!!!
मुमकिन नहीं की वो बेखबर हो जज़्बात से मेरे.. बात दिल की है, दिल तक तो जाती ही होगी..!!
“हर बार हम पे बस तोहमतें न उछाला कीजिए, बात बिगड़े जो कभी हमसे... उसे संभाला भी कीजिए।”
वक्त बदलता नहीं इंसान बदल जाते हैं बंद आँखों से तो अंधेरे ही नजर आते हैं...
मेरे हर शब्द की खूबसूरती तुमसे है... बस एक बार पढ़कर मुस्करा जाना... क्योंकि मेरा हर लफ़्ज ही तुम हो... ✍✍
तेरे चेहरे को याद कर मुस्कुरा लेते है... और उसी याद में कतरा कतरा जी लेते है... ✍✍
है बहुत अंधियारा, अब सूरज निकलना चाहिए... जिस तरह से भी हो, ये मौसम बदलना चाहिए... ✍✍
बाल भी खुले थे उसके ऊपर से काजल भी लगाया था... रही बात उसके झुमकों की तो उन्होंने अलग धमाल ही मचा रखा था... ✍✍
“हम हमेशां डरते थे जिसे खोने से..., उसने वो डर ही ख़त्म कर दिया... मुझे छोड़ कर।”
रुसवाई का डर है या अंधेरों से मुहब्बत खुदा जाने, अब मैं चाँद को अपने आँगन में उतरने नहीं देता....😔
कभी बादल, कभी बारिश, कभी उम्मीद के झरने...!! तेरे एहसास ने छुकर, मुझे क्या-क्या बना डाला...????
बारिश में भीगते हुये झौंके हवा के थे...!! वो चंद बेगुमान से लम्हें बला के थे...!!!!
इक पड़ाव हूँ तेरी जिन्दगी में और कुछ नहीं .. मुझे तेरी मंज़िल होने का भ्रम अब और नहीं
“तुम्हारे लिए हज़ारों शिकायतें है दिल में... पर कहूँ किससे? इधर दिल अपना...तो उधर तुम भी अपने।”
ठहर सके.. जो लबों पे हमारे, हँसी के सिवा है.. मजाल किसकी..!!
ये सौदा इश्क़ का है रूह के लिए...!! जिस्म तो है बस ज़ुस्तज़ू के लिए...!!!!
“फिर तेरे बाद कौन रोकता हमको, जी भर के ख़ुद को बरबाद किया हमने।”
“कुछ भ्रम ताउम्र बने रहें तो अच्छा है, कुछ सच्चाइयाँ जीते जी मार देती हैं।”
बेहिसाब प्यार की वो हद तुम ही तो हो... कुर्बान हुये दिल की ज़िद तुम ही तो हो... रंग चढ़ा है मोहब्बत का मुझे दुआओ से... मेरे बेपनाह इश्क़ की हद तुम ही तो हो... ✍✍
उन्हें मेरी आँखें पसंद हैं...!! मुझे मेरी आँखों में वो...!!!!
गली में बैठे हैं उसकी नज़र जमाये हुए.. हमारे बस में फ़क़त इंतज़ार करना है..
दिल से लिखी बातें दिल को छू जाती हैं... कुछ लोग मिलकर बदल जाते हैं... और कुछ लोगों से मिलकर जिन्दगी बदल जाती है... ✍✍
काश में तेरी आँखों कि तस्वीर बन जाऊँ... तू मेरा मुकदर में तेरी तकदीर बन जाऊँ... मेरी साँसे चले तो तेरी धडकने सुनकर... काश में तेरे हाथों की लकीर बन जाऊँ... ✍✍
बसा रखा है एक दरिया निगाहों में, बह सके ऐसा कोई रास्ता नही... छीन कर वजह मुस्कुराने की, कहते हो कि हँसता नही... ✍✍
लड़ाई है तो अच्छा रात भर यूँ ही बसर कर लो... हम अपना मुँह इधर कर लें तुम अपना मुँह उधर कर लो... ✍✍
खुशबु के ज़जीरों से सितारों की हदों तक...!! इस शहर में सब कुछ है बस एक तेरी कमी है...!!!!
“खुद पुकारेगी मंज़िल तो ठहर जाऊँगा, वरना ख़ुद्दार मुसाफ़िर हूँ... ख़ामोशी से गुजर जाऊँगा।”
मैंने लिखना शुरू किया की तुम क्या हो... चाँद हो, नज़्म हो, छाँव हो, या आइना हो... पता है सबसे सुंदर क्या लिखा मैंने तुम बस मेरे हो... ✍✍
आँखों से भी लिखी जाती है दास्ताँने...!! हर कहानी को कल़म की जरूरत नहीं...!!!!


🙏Thanks for suggestion 🙏