हवस और हैवानियत से ऊपर उठकर देखिये औरत से अच्छा दोस्त मिल जाये तो कहना👸
किसी को क्या खबर कि तुम मेरे लिये क्या हो...?? दुनिया के लिए चेहरा हो तुम मेरे लिए खुदा हो...!!!!
“मुझे पसंद है ख़ालीपन मेरा, जिसका कतरा कतरा उससे भरा है।”
इश्क़ की उम्र नहीं होती, ना ही दौर होता है ! इश्क़ तो इश्क़ है... जब भी होता है बेहिसाब होता हैं !!
“कहा था सबने कि ये रास्ता ठीक नहीं, काश किसी की तो बात रख लेते।”
बंद आँखों मैं भी अहसास तेरा... जिन्दगी भर चाहिए बस प्यार तेरा... आ बसा ले मुझें दिल में अपने... मुझ को तो चाहिये एक साथ तेरा... ✍✍
“किस की तलाश थी हमें... जाने किस के असर में थे, जब से चले हैं घर से लगातार सफ़र में हैं।”
दर्द अपने कभी बिकने नहीं चाहिए... तकलीफे दिलों के अंदर ही रहे... चेहरे पर दिखनी नहीं चाहिए... ✍✍
वो मिला भी तो किसी के इश्क में डूबा हुआ... उसे दे ना आते दुआ तो भला हम क्या करतें ..!!
महबूब से हर ग़म मनसूब होता है दिन रात उल्फ़त में तमाशा खूब होता है
रातों से भी लम्बे ये प्यार के किस्से आशिक़ सुनाते हैं जफ़ा-ए-यार के क़िस्से
नाम ले ले के दुहाई दिया करते हैं जाने क्यों लोग मुहब्बत किया करते हैं
मेरा सब्र जवाब दे रहा है और.;;;; मेरे यार को पर परवाह तक नहीं मैं भूल ना सका उसे पल भर भी और मैं तो उसे याद तक नहीं ..!!
सांसो मे रहकर तुम हमारी तुम महमान बन गये... दिल में बसकर हमारी मुस्कान बन गये... लोग नजदीक आकर हमारे ना बन सके... और आप दूर रहकर भी हमारी जान बन गये... ✍✍
“टूटता है तो चुभता बहुत है, क्या काँच... क्या ख्वाब... क्या रिश्ता... क्या दिल।”
वारिस तो तुम ही रहोगे, हमेशा मेरी मोहब्बत के,,,!!
अब क्या फर्क पड़ता है, इश्क़ पर दस्तख़त तुम करो या मैं करूँ...!!
“बड़ी ही शायराना मौत मिली हैं मेरे इश्क़ को, हमने पाने से ज़्यादा लिखा हैं उसको।”
यादें है कुछ ऐसी तेरे नाम से वाबस्ता...!! हर सुबह है जैसे हर शाम से वाबस्ता...!!!!
सूरज के बिना सुबह नहीं होती, चांद के बिना रात नहीं होती... बादल के बिना बरसात नहीं होती... जब तक याद ना करे तुम्हें दिन की शुरुआत नही होती... ✍✍
“सिर्फ़ उसी को जीने का हक़ है इस ज़माने में, जो इधर का लगता रहे... और उधर का हो जाए।”
“मौसम की तरह वो बदल गए..., और फ़सल की तरह हम बरबाद हो गए।”
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