क्या हूँ मैं और क्या समझते है सब राज़ नहीं होते बताने वाले कभी तन्हाईयो में आकर देखना कैसे रोते है सबको हसाने वाले
अज़ीब शौक पाला है मैने भी लिखने का, लिखूँ तो दूनियाँ परेशान ना लिखूँ तो दिल परेशान।😂😂😝😝
कुछ वक्त खामोश होकर भी देख लिया हमने, फिर मालूम हुआ कि लोग सच मे भूल जाते हैं।
हमने अब तक कुछ अच्छे से लिखा नहीं प्यार करना आता है प्यार लेना सीखा नहीं हम ने डाली इश्क की पट्टी आंखों पर फिर हमको हमारा यार का कुछ बुरा दिखा नही
रिश्ते खराब कर देती है ख़ामोशी, बोलकर लड़ लिया करो मुझसे.
भरोसा रखों हमारी दोस्ती पर, मैं किसी का दिल दुखाया नहीं करती, आप और आपका अंदाज मुझे अच्छा लगा, वरना मैं किसी को दोस्त बनाया नहीं करती....!!!!
हमारे लिए उनके दिल मे चाहत नहीं थी किसी खुशी में कोई दावत नही थी मैंने दिल उनके कदमों मे रख दिया मगर उन्हें जमीन देखने की आदत नही थी
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𝑲𝒂𝒂𝒔𝒉 𝑲𝒐𝒚𝒊 𝑯𝒖𝒎 𝑷𝒂𝒓 𝑩𝒉𝒊 𝑰𝒕𝒏𝒂 𝑷𝒚𝒂𝒂𝒓 𝑱𝒂𝒕𝒂𝒕𝒊...!! 😢😢 𝑷𝒊𝒄𝒉𝒆 𝑺𝒆 𝑨𝒂𝒌𝒂𝒓 𝑾𝒐 𝑯𝒂𝒎𝒂𝒓𝒊 𝑨𝒏𝒌𝒉𝒐 𝑲𝒐 𝑪𝒉𝒖𝒑𝒂𝒂𝒕𝒊...😎😎😎 𝑯𝒖𝒎 𝑷𝒖𝒄𝒉𝒉𝒕𝒆 𝑲𝒊 𝑲𝒂𝒖𝒏 𝑯𝒐 𝑻𝒖𝒎…?🤔🤔 𝑨𝒖𝒓 𝑾𝒐 𝑯𝒂𝒔 𝑲𝒂𝒓 𝑲𝒉𝒖𝒅𝒌𝒐 𝑯𝒂𝒎𝒂𝒓𝒊 𝑱𝒂𝒂𝒏 𝑩𝒂𝒕𝒂𝒕𝒊..!! ❤️❤️
“मुझे वहाँ से पढ़िए, जहाँ से मैं ख़ामोश हूँ।”


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