किसी ने कितने कम शब्दों में ही प्यार अथवा प्रेम के महत्व को स्पष्ट करते हुए कहां है कि
Sparsh Vo Nahin Jisane Shareer Ko Paaya Ho...! Sparsh Vo Hain Jisane Aatma Ko Gale Lagaaya Ho...!!इन पंक्तियों को हम अगर बारीकी से समझे तो यहां पंक्ति या शायरी के माध्यम से प्यार अथवा प्रेम के बारे में बताया गया है क्योंकि आजकल प्यार अथवा प्रेम का उपयोग सिर्फ एक खिलौने के रूप में किया जा रहा है,लेकिन देखा जाए तो प्यार दो शरीर का मेल नहीं है बल्कि दो दिलों का मेल हैं। जिससे आप प्यार या प्रेम करते हैं वो कभी भी शरीर को पाने के लिए या शारीरिक संबंध बनाने के लिए किसी भी प्रकार की कोशिश नहीं करेगा , वो केवल सही समय का इंतजार करेगा। अगर कोई आपसे प्रेम या प्यार करता है तो वह आपके साथ पूरा जीवन व्यतीत करने के लिए आपके माता - पिता की सहमति से आपसे विवाह करने के पश्चात ही शारीरिक संबंध बनाएगा, इसके विपरीत अगर विवाह से पहले ही प्यार अथवा प्रेम के नाम का उपयोग करके शारीरिक संबंध बनाया जाता है तो वहां प्यार अथवा प्रेम नहीं हैं, बल्कि वहां सिर्फ हमारे शरीर की वासना है। प्यार करने वाले शरीर की सुंदरता या अवस्था को नहीं देखते और न ही कभी शारीरिक संबंध बनाने के लिए व्यर्थ की कोशिशे करते हैं, बल्कि वहां आत्मा को देखते हैं और दिल में बस जाते हैं । वैसे तो प्यार को शब्दों में बताना उतना ही जटिल है जितना आसमान में चमकने वाले सितारों को गिनना, क्योंकि इसे वही व्यक्ति जान सकता है जिसने सच्चा और शिद्दत वाला प्यार किया है। इसका अर्थ हम जितना निकालते जाते हैं उतना ही हम इस की गहराइयों में डूबते जाते हैं । इसके विपरीत आज के समय में केवल प्यार का उपयोग वासना के रूप में करके सिर्फ शरीर से शरीर का मिलाप किया जा रहा है जब यहां वासना की भूख शांत हो जाती है ,तब व्यक्ति (चाहे वह लड़का हो या लड़की ) प्यार को भूल जाता है और अपने लिए नए साथी की तलाश करने लगते हैं, फिर वहां कहानी फिर से दोहराते हैं और फिर अपनी वासना को शांत करने के लिए प्यार का सहारा लेते हैं। और कुछ गलतफहमियां या गलतियां हो जाने पर अपने प्यार को खत्म कर देते हैं वास्तव में हां प्यार नहीं है । प्यार करने वाले शरीर को नहीं चाहते, बल्कि वे आत्मा / दिल में बस जाते हैं जिसे कभी भी जुदा नहीं किया जा सकता है ,चाहे कैसी भी हालत हो वे हमेशा साथ ही रहते हैं और अपना जीवन में घटने वाली घटनाओं और परिस्थितियों का सामना एक साथ मिलकर करते हैं।
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स्पर्श वो नहीं जिसने शरीर को पाया हो...! स्पर्श वो हैं जिसने आत्मा को गले लगाया हो...!!
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