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Shayari

 

साहिल पे बैठे यूँ सोचता हुं आज,
कौन ज़्यादा मजबूर है.?

ये किनारा, जो चल नहीं सकता,
या वो लहर, जो ठहर नहीं सकती...
💔....✍🏿

थोड़ी खुशी मांगी थी रब से उन्होंने 

 हमें आपसे मिला कर खुशनसीब बना दिया🥀🥀
💔....✍🏿

चाहकर भी लोग कुछ नहीं चाहते...

और न चाहकर भी बहुत कुछ चाहते है।।
🙂
💔....✍🏿

हम कहाँ किसी के लिए खास हैं,
ये तो हमारे दिल का अंधविश्वास हैं
🙂
💔....✍🏿

ख़त्म कर दी थी जिंदगी की सारी खुशियाँ तुम पर,
कभी फुरसत मिले तो सोचना की मोहब्बत किसने की थी
🙂
💔....✍🏿

आँखो की चमक पलकों की शान हो तुम,

चेहरे की हँसी लबों की मुस्कान हो तुम,

धड़कता है दिल बस तुम्हारी आरज़ू मे,

फिर कैसे ना कहूँ मेरी जान हो तुम..
😍❤️....✍🏿

अपनी जिंदगी में हमने तेरी जरूरत देखी है, 
तेरी आँखों में हमने अपने लिए मोहब्बत देखी है, 
जितनी बार खुद को भी नही देखा होगा, 
उतनी बार हमने तेरी सूरत देखी है।
 
❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️
 😢 💔 😒....✍🏿

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