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| कैसे भुला दूँ उस भूलने वाले को मैं, मौत इंसानों को आती है यादों को नहीं.... 🥀....✍🏿 |
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| ख़्वाब में मेरे उसका किस्सा चलता है, अपना तो बस इतना हिस्सा चलता है, जब उसका जी चाहे तब वो बात करें, उसकी मर्ज़ी से ही रिश्ता चलता है। 🥀....✍🏿 |
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| यू हीं नहीं दिल उसका दुखा होगा, कुछ तो बात है ...जो वो रोया होगा पलटते पलटते शायद यादों की डायरी को कोई पन्ना उसे अधूरा मिल गया होगा....♥️💔 🥀....✍🏿 |
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| किसी को नफरत है मुझसे और कोई प्यार कर बैठा है, किसी को यकीन नहीं मेरा और कोई ऐतबार कर बैठा है। कितनी अजीब है ना ये दुनिया... कोई मिलना नहीं चाहता मुझसे, और कोई इन्तजार करने बैठा है।। 🥀....✍🏿 |
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| चुपके से आकर इस दिल में उतर जाते हो, सांसों में मेरी खुशबु बन के बिखर जाते हो. कुछ यूँ चला है तेरे ‘इश्क’ का जादू, सोते-जागते तुम ही तुम नज़र आते हो.🥀 🥀....✍🏿 |
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| याद ऐसे करो की हद्द न हो, भरोसा इतना करो कि शक न हो, इंतज़ार इतना करो कि कोई वक़्त न हो, प्यार ऐसे करो की कभी नफरत न हो... ❤️ 🥀....✍🏿 |
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| नजर और नसीब का रिश्ता भी बहुत अजीब होता हैं, नजर को भी वही पसन्द आता हैं जो हमारे नसीब में नहीं होता. 💔 🥀....✍🏿 |
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| कलम से लिख नहीं सकते उदास दिल केे अफ़साने हम तुम्हे दिल से याद करते है बाकी तुम्हारे दिल की खु़दा जाने... 💔 🥀....✍🏿 |
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| हमीं अकेले नहीं जागते हैं रातों में उसे भी नींद बड़ी मुश्किलों से आती हैं 💔 🥀....✍🏿 |
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| में हमेशा डरता था उस खोने से, उसने ये डर ही खत्म कर दिया मुझे छोड़कर। 💔 🥀....✍🏿 |
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| कुछ चीजों को कितनी भी शिद्दत से चाहो, वो सिर्फ हसरत की तरह ही रह जाती है। 💔 🥀....✍🏿 |
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| मोहब्बत भी शरारत भी सराफत भी इबादत भी बहुत कुछ करके देखा फिर भी हम तेरे हो न पाए💔 💔 🥀....✍🏿 |













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