न जाने कौन सा आँसू मेरा राज़ खोल दे, हम इस ख़्याल से नज़रें झुकाए बैठे हैं। 💔
सुकूँ में है अगर वो... बगैर मेरे सुकूँ पर उसके .... मैं हर खुशी लुटा दूँ..
रिश्तों की धूप थी – शाम हुई और ढल गई अब उससे क्या गिला – वो अगर भूल गई
बहुत अजीब हैं तेरे बाद की ये बरसातें भी, हम अक्सर बन्द कमरे में भीग जाते हैं। 💔
बादलों की ओट से सूरज निकलने वाला है.. सफर जारी रखो, वक्त बदलने वाला है।
बहुत लोगों ने दिल तोड़ा है एक पत्थर ऐ राज तेरे नाम का सही। अब तक तो दुनिया ही कहती थी आज आपने भी कह दिया मेरे काम का नही।।
कभी मतलब के लिए तो कभी बस दिलगी के लिए हर कोई मोहब्बत ढूढ़ रहा है अपनी लाइफ के लिए
रवैया बहुत खराब है अभी मेरे हालातों का..... लोग बहुत जल्दी बुरा मान जाते हैं मेरी बातों का...
लफ्ज़ो पर बंदिशे है तो तू ये इलाज कर, आचार संहिता लगी है तो ईशारो में बात कर!,,,🥀
तुझे चंद शायरी में कैसे मै बयां कर दूं मेरे जन्मों का ख़्वाब और वर्षों का इंतजार है तू।
राह चलते हुए अक्सर ये गुमां होता है... वो नज़र छुपा के मुझे देख रहा हो जैसे.,,, 🙈🥰😍
कैसे तुम भूल गए हो मुझे आसानी से, इश्क़ में कुछ भी तो आसान नहीं होता है🙂
डिग्रीया तो बस तालीम के खर्चे की रसीदें है, ज्ञान तो वही हैं जो किरदार में झलके..!!
सच बडी क़ाबलियत से छुपाने लगे है हम... हाल पूछने पर बढिया बताने लगे है हम...
अपनी मोहब्बत को वो अंज़ाम दे दूँ, अपने हुनर को मैं तेरा नाम दे दूँ!
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