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What is Ladli Laxmi Yojana // लाडली लक्ष्मी योजना क्या है❓

🕺आज के इस लेख में मैं आज आपको लाडली लक्ष्मी योजना के बारे में बताने वाला हूं ,जिसकी शुरुआत 1 अप्रैल 2007 से मध्यप्रदेश में की गई थी, दरअसल 👉 इस योजना को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य आम जनता में बालिका के जन्म के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना, लिंगानुपात में सुधार और बालिका के शैक्षणिक स्तर तथा स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार इसी के साथ बालिका के अच्छे भविष्य की नीव रखने एवं बालिका के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना रहा ।🤗

🕺लाडली लक्ष्मी योजना में आवेदन करने के लिए सर्वप्रथम यहां स्पष्ट हो जाना अनिवार्य है कि इस योजना के अंतर्गत कौन पात्र हैं और कौन अपात्र । 🤔क्योंकि हम जब तक लाडली लक्ष्मी योजना पात्र बालिकाओं को नहीं जान पाएंगे तब तक हम इस योजना का लाभ बालिकाओं को नहीं दे पाएंगे इसलिए यहां जानना अति आवश्यक है कि इस योजना के अंतर्गत किन बालिकाओं को पात्र रखा गया है ।
🕺दरअसल इस योजना का लाभ उन्हीं बालिकाओं को ही दिया जाएगा, जिनका जन्म 1 जनवरी 2006 अथवा उसके पश्चात् हुआ हो और वे स्थानीय आंगनवाड़ी केन्द्र में पंजीकृत हो साथ ही उनके माता-पिता मध्यप्रदेश के मूलनिवासी हों और वे आयकर दाता न हो ।🤗
🕺लाडली लक्ष्मी योजना का लाभ-  इस योजना के अंतर्गत बालिका के नाम से शासन की ओर से रूपये 1,18000/- का आश्वासन प्रमाण पत्र जारी किया जाता है । लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत पंजीकृत बालिका को 
  • कक्षा 6 वीं में प्रवेश पर रूपये 2000/-
  • कक्षा 9 वीं में प्रवेश पर रू. 4000/-
  • कक्षा 11 वीं में प्रवेश पर रूपये 6000/-
  • कक्षा 12वीं में प्रवेश पर रू. 6000/- छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
  • लाड़ली बालिकाओं को कक्षा 12वीं के पश्चात् स्नातक अथवा व्यवसायिक पाठ्यक्रम में (पाठ्यक्रम अवधि न्यूनतम दो वर्ष) प्रवेश लेने पर रूपये 25000/- की प्रोत्साहन राशि दो समान किश्तों में पाठ्यक्रम के प्रथम एवं अंतिम वर्ष में दी जाएगी ।
  • 🕺लाड़ली बालिकाओं की उच्च शिक्षा (स्नातक) हेतु शिक्षण शुल्क शासन द्वारा वहन किया जाएगा ।
  • 🕺बालिका की आयु 21 वर्ष पूर्ण होने पर और कक्षा 12 वी की परीक्षा में सम्मिलित होने पर एवं बालिका का विवाह, शासन द्वारा निर्धारित आयु पूर्ण करने के उपरांत होने पर राशि रुपये 1.00 लाख का अंतिम भुगतान किये जाने का प्रावधान रखा गया है। 🤗
नोट - लाडली लक्ष्मी योजना में प्रथम प्रसव से जन्मी बालिका को बिना परिवार नियोजन के लाभ दिया जावेगा इसके अलावा द्वितीय प्रसव से जन्मी बालिका को लाभ दिये जाने हेतु माता/पिता को परिवार नियोजन अपनाया जाना आवश्यक है।
🕺साथ ही विशेष प्रकरण की स्थिति में इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने के लिए निम्न बिंदुओं को रखा गया -
  • जिस परिवार में अधिकतम 02 संताने है तथा माता अथवा पिता की मृत्यु हो गई है ,उस बच्ची के जन्म के 05 वर्ष होने तक पंजीकरण कराया जा सकता है। परन्तु इस प्रकार के प्रकरण में यदि महिला/पुरूष की दूसरी शादी होती है तथा पूर्व से ही 02 बच्चे है तो दूसरी शादी से उत्पन्न पुत्री को योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
  • प्रथम प्रसूति के समय एक साथ 03 बच्चियां होने पर भी तीनों बच्चियों को लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ मिलेगा।
  • जेल में बंद महिला कैदियों की जन्मी पात्र बालिकाओं को भी योजनांतर्गत लाभांवित किया जावेगा।
  • बलात्कार पीड़ित बालिका या महिला से जन्मी सन्तान बालिका को योजना का लाभ दिया जावेगा ।
  • स्वास्थ्य संबंधी कारणों से जिन परिवारों द्वारा परिवार नियोजन नहीं अपनाया गया है, उन प्रकरणों में 01 वर्ष के स्थान पर 02 तक प्रकरण स्वीकृत करने के अधिकार कलेक्टर को दिए गए है।
  • विलम्ब से प्राप्त आवेदनों को सूक्ष्म परीक्षण करते हुए, विशेष प्रकरण के तहत् स्वीकृति/अस्वीकृति जिला कलेक्टर प्रदान करेंगे।
  • अनाथालय/संरक्षणगृह के अधीक्षक द्वारा अनाथालय में प्रवेश के 1 वर्ष के अंदर तथा बालिका की आयु 5 वर्ष होने से पूर्व या दत्तक लेने वाले माता- पिता द्वारा दत्तक लेने के 1 वर्ष के अंदर आवेदन करना होगा।

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