हमारे देश में कुल आबादी का लगभग 5% वर्ग ऐसा हे जो भोजन किये बिना ही सो जाता है यानी कि उन्हें अधिकांश समय भुखमरी की स्थिति से गुजरना पड़ता है,जो किसी भी देश के लिए ये बहुत बड़ी समस्या है। ऐसी समस्याओ से निपटने के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार द्वारा अंत्योदय अन्न योजना” की शुरुआत 25 दिसंबर वर्ष 2000 को संपूर्ण देश में की गई,
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| Antyodaya Anna Yojana kya hai ❓ |
जिसके अंतर्गत ऐसे गरीब से गरीब परिवारों को सम्मिलित किया गया जो अधिकांश समय भुखमरी से पीड़ित रहते हैं और उन्हें अपना जीवन यापन करने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, और आप सभी जानते हैं कि हमारे देश में बहुत से ऐसे गरीब और असहाय लोग है जो अपने परिवार के भरण पोषण के लिए आनाज को खरीदने में सक्षम नहीं है। इन समस्याओं को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा ऐसे परिवारों का अंत्योदय अन्न योजना का राशन कार्ड बनवाया गया इस राशन कार्ड के माध्यम से इन परिवारों को 35 किलोग्राम खाद्यान्न सामग्री जिसमें 20 किलोग्राम गेहूं ₹2 प्रति किलो के हिसाब से और 15 किलोग्राम चावल ₹3 प्रति किलो के हिसाब से उपलब्ध करवाया जाता है । इसी के साथ आपको बता दूं कि अंत्योदय राशन कार्ड बनवाने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार द्वारा सभी राज्य सरकार को दी गई साथ ही राज्य सरकार को ये निर्देश भी दिया गया की कोई भी दिव्यांग या असहाय व्यक्ति इस योजना से वंचित न रहे । उन्हें अंत्योदय अन्न योजना में विशेष रूप से सम्मिलित किया जाए , ताकि इस योजना का लाभ आसानी से देश के सभी पात्र नागरिकों तक पहुंच सके और वे देश में देश के नागरिक भुखमरी की स्थिति से पीड़ित ना रहे ।


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