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खिड़की से झांकता हूँ मै सबसे नज़र बचा कर, बेचैन हो रहा हूँ क्यों घर की छत पे आ कर, क्या ढूँढता हूँ जाने क्या चीज खो गई है, इन्सान हूँ शायद मोहब्बत हमको भी हो गई है 🌸✍
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वो शमा की महफ़िल ही क्या, जिसमे दिल खाक ना हो, मज़ा तो तब है चाहत का जब, दिल तो जले, पर राख ना हो. 🌸✍
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मैने दुनिया के सातों आसमान देखे है, मैने साथ चलते लोग बेजान देखे है, देखी है मैने आँधियों में पत्तों की उड़ाने, मैने सर से पांव खोखले इंसान देखे हैं। 🌸✍
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मेरी ख़ामोशी को समझ जाती हो तुम, मुझे पता है बहुत चाहती हो तुम. 🙂 🌸✍
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बदनामी का डर हो तो मोहब्बत छोड़ दें, इश्क की गलियों में आओगे तो चर्चे जरूर होंगे. 🙂 🌸✍
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😍😢😢 वो रत दर्द सितम की रात होगी , जिस दिन रुक्सत उनकी बारात होगी उठ जाता हूं नींद से अक्सर ये सोचकर की एक गैर के बाहो में मेरी सारी कायनात होगी। 🌸✍







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