हँसते हँसते रोना है इतना पागल होना है उसके मन को पढ़ जाउ इतना जाहिल होना है अपना एक सफीना है अपना साहिल होना है खुद से ही आशिक़ी है खुद का ही कातिल होना है ढूंढे ढूंढ सके न कोई ऐसा हासिल होना है
ऐ कलम मत लिख दिल के जख्मों से शाही भरकर मरहम कोई लगाएगा नहीं वाह-वाह करेंगे अल्फाज पढ़कर
हमे कितने मिले दर्द, हिसाब ना कर पाए हम डॉक्टर होकर भी इलाज ना कर पाए जिंदा नहीं जिंदा लाश है, वो लोग जो अपनों से बड़ों का लिहाज न कर पाए
पलकों में आँसु और दिल में दर्द सोया है, हँसने वालो को क्या पता, रोने 😭वाला किस कदर रोया है, ये तो बस वही जान सकता है💔 मेरी तनहाई का आलम जिसने जिन्दगी में किसी को पाने से पहले खोया है..!!
✨ सीखी है उसने मोहब्बत मुझ से जिससे भी करेगी, कमाल करेगी ✨
मधु सी उसकी मुस्कान थी, पर ना जाने उसे किसकी तलाश थी, वो थी मेरी, पर वो किसी और के पास थी!!
हम तुम्हारी बेवफाई का मंजर देखेगें, तुमने दिल मे उतारा वो खंजर देखेगे, वो तुम कहते थे की सब झुठ हैं,जाओ तो सही ,सच्च झूठ अपने अंदर देखेगे।
बस वो मुस्कुराहट ही कही खो गई है, बाकी तो मै भी बहुत खुश हू आजकल |||🙂🙂
किसी को नींद आती है मगर ख्वाबों से नफरत है, किसी को ख्वाब प्यारे हैं मगर वो सो नहीं पाता।🙂
तन्हाईयाँ कुछ इस तरह से डसने लगी मुझे, मैं आज अपने पैरों की आहट से डर गया। 💔r
समझ सके ना लोग भी स्याने , इश्क़ का रुतबा इश्क़ ही जाने !🙂
मेरी शायरी पर इल्जाम दर्द का लगाया न करो सब तुम्हारी ही इनायत है पढ़कर मुस्कुराया करो !
प्यार ना सही पर कुछ तो था तेरे मेरे दरमियान, जो तेरे जाने के बाद जिंदगी यूं तन्हा सी हो गई है।
.उसकी गलती को जानते हुये भी, उसको गलत मानने से इनकार करना... इश्क़ है..❤️ 🙂
काश मुझे भी सिखा देते तुम भूल जाने का हुनर, मैं थक गया हूं हर लम्हा हर सांस तुम्हें याद करते करते…
तुम्हारी यादों का,कैसे हम जहर खाएं किस जगह मिलेगा,कहा मिलने आएं मौत भी तेरी ही तरह बे बफा निकली देख मेरे लिए भी खड़ी है बाहें फैलाए
बेशक थोड़ा इंतज़ार मिला हमको पर दुनियां का सबसे हसीं यार मिला हमको... न रही तमन्ना अब किसी जन्नत की आपकी दोस्ती में वो प्यार मिला हमको...! 🥰 🌹❤️👫❤️🌹🥰
रेत को हवा का सहारा चाहिए। कश्ती को दरिया का किनारा चाहिए। मुझे ना मंजिल चाहिए ना मकांं चाहिए । ऐ दोस्त मुझे तो बस साथ तुम्हारा चाहिए। 😍😍
जो हैरान है मेरे सब्र पर उनसे कह दो, जो आंसू जमीन पर नहीं गिरते दिल चीर जाते है!!
अभी से क्यों छलक आये तुम्हारी आँख में आँसू, अभी छेड़ी कहाँ है दास्तान-ए-ज़िंदगी मैंने। 💔
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💯 ❝अब किसी गैर का कब्जा है उनके दिल पर, यानी बेघर हो गए हैं हम अपना मकान होते हुए।❜❜ ✍✍✍


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