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| मैं एक शाम जो रोशन दिया उठा लाया, तमाम शहर कहीं से हवा उठा लाया 🌼 |
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| हम सफ़र के वो मुसाफिर है,, जिनका न सफर पूरा हुआ न मंजिल मिली...!!🥺 🌼 |
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| इस दुनिया में वफ़ा करने वालों की कमी नहीं, बस प्यार ही उससे हो जाता है जो बेवफा हो। 💔 |
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| भिड़ते, टकराते, छिल के निकलते है रिश्तें... कितने चौराहों से गुजरते है रिश्तें... ज़ख़्म जिस्मों पे नज़र आते है सारे__ कहने को रूहों से उतरते है रिश्तें... 😎 |





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