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वो शायद मेरी आखिरी सरहद हो जैसे, क्योकि सोच जाती ही नहीं उससे आगे….!!
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अलविदा कहते हुए जब उनसे कोई निशानी मांगी, वो मुस्कुराते हुए बोले कि जुदाई काफी नहीं है क्या!!
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कुछ इस तरह से मेरी जिंदगी में उस का राज हैं, जैसे चाय की चुस्की मे अदरक का स्वाद हैं...
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हमारा तो बहुत ही नुकसान हो गया, वो किसी औऱ की जान हो गया है, हम माँग रहे थे उसको खुदा से औऱ खुदा किसी औऱ पर मेहरबान हो गया है...
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मेरे हक़ में हैं तुझे चाहना, तू चाहे या ना चाहे ये तेरी मर्जी हैं। मेरे हक़ में हैं तुझे याद करना, तू करे या ना करे ये तेरा फैसला हैं।






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