शिक्षा का अर्थ - सर्वप्रथम यदि हम शिक्षा शब्द का अर्थ निकालते हैं तो शिक्षा शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है ।
शिक्षा अर्थात शि से हमारा तात्पर्य शिशु एवं क्ष से क्षमा अर्थात व्यक्ति में शिशुअवस्था से ही क्षमा का गुण होना शिक्षा का वास्तविक अर्थ है ,केवल किताबी ज्ञान ही शिक्षा नहीं कहलाती ।
यहां शिक्षा शिशु अपने परिवार एवं आसपास के जनसमूह से सीखता है तथा वहां कैसा आवरण करता है ,इसके पश्चात आगे की शिक्षा ,बालक बड़ा होकर विद्यालय या आश्रम से प्राप्त करता है ।
शिक्षक का अर्थ - शिक्षक शब्द का यदि हम शाब्दिक अर्थ देखे तो शिक्षक 3 शब्दों से मिलकर बना है ।
शिक्षक अर्थात शि से हमारा तात्पर्य शिशु एवं क्ष से क्षमा और क से कार्य या कर्म से लिया गया है ।
शाब्दिक भाषा में शिक्षक का अर्थ हम शिशु को क्षमा और उसके कार्य या कर्म का बोध कराने के लिए दी जाने वाली शिक्षा से लेते हैं ।
शिक्षक की कार्यप्रणाली का विकास - प्राचीन काल में शिक्षक ही एक ऐसा माध्यम था जिससे विद्यार्थी को ज्ञान प्राप्त होता था । प्राचीन समय में शिक्षक मौखिक रूप से दी जाती थी लेकिन धीरे-धीरे आधुनिक अर्थात वर्तमान समय में शिक्षा मौखिक के साथ-साथ लिखित रूप में भी दी जाने लगी इसी के साथ वर्तमान समय में पुस्तक के छपने लगी वर्तमान में शिक्षा के क्षेत्र में विज्ञान के नए अविष्कार एवं प्रौद्योगिकी का विकास हुआ ।🤗

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